राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज उपायुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारे लगाए.
प्रदर्शन में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता भी शामिल हुए. उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग बीजेपी के एजेंट के तौर पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को पहले लोकतंत्र के संरक्षक के रूप में जाना जाता था, लेकिन दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है.
बन्ना गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती रही है और पार्टी कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन इन्हीं प्रयासों का हिस्सा है.
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए और उन्हें बर्खास्त करने और जेल में डालने की मांग की. कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर अपना विरोध दर्ज कराया.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की अहम भूमिका है और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए.




