झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की पूर्वी सिंहभूम जिला कमेटी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया और उनका पुतला जलाया. कार्यक्रम में झामुमो नेता-कार्यकर्ता समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.
झामुमो पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान करना और पसंदीदा राजनीतिक दल और उम्मीदवार का चयन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है. उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से संबंधित कदम नागरिकों के अधिकारों को प्रभावित कर रहे थे.
सोरेन ने मांग की कि राष्ट्रपति ज्ञानेश कुमार को तुरंत पद से हटा दें. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखेगी.
पोटका विधायक संजीव सरदार ने भी कार्यक्रम के दौरान मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण पर अपनी आपत्ति व्यक्त की. उन्होंने कहा कि पांचवीं और छठी अनुसूची के तहत झारखंड और अन्य राज्यों में लंबे समय से रह रहे आदिवासी और मूल समुदायों के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायतें गंभीर हैं। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की.
कार्यक्रम के दौरान झामुमो नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला जलाया. मोहन कर्मकार, हाजी हिदायतुल्लाह खान, कुणाल षाड़ंगी, राजू गिरी, आस्तिक महतो, शेख बदरुद्दीन, वीर सिंह सुरेन समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे.
जिला उपाध्यक्ष सागेन पूर्ति, विद्यासागर दास, प्रणव महतो, रतन महतो, मोहम्मद जलील, शेख नासिर खान समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए. नेताओं ने कहा कि पार्टी मतदाताओं के अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराना जारी रखेगी।
हालांकि, कार्यक्रम में उठाए गए आरोपों और मांगों के संबंध में चुनाव आयोग या मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।




