नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) — राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बृहस्पतिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पांच प्रमुख स्कूलों को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं और संबंधित स्कूल परिसरों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि, गहन जांच के बाद यह धमकी पूरी तरह से अफवाह साबित हुई।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार, उन्हें सुबह करीब 8.30 बजे इन धमकियों की जानकारी मिली। इसके तुरंत बाद दमकल विभाग, पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। सभी स्कूलों को एहतियात के तौर पर खाली कराया गया और छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
तलाशी के दौरान स्कूल परिसर, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, खेल मैदान और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री के होने की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया। जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह धमकी झूठी थी और इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
इस घटना के कारण कुछ समय के लिए स्कूलों में पढ़ाई बाधित हुई और अभिभावकों में भी चिंता का माहौल देखा गया। कई माता-पिता तुरंत अपने बच्चों को लेने स्कूल पहुंचे। हालांकि, प्रशासन ने उन्हें स्थिति सामान्य होने का भरोसा दिलाया।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए धमकी भरे ईमेल भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान के लिए साइबर सेल को जांच सौंप दी है। अधिकारियों का कहना है कि ईमेल के स्रोत का पता लगाया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन ने भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए अतिरिक्त सतर्कता और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अफवाहें समाज में भय और अस्थिरता फैलाने का काम करती हैं। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी और समझदारी से काम लेना जरूरी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
फिलहाल सभी स्कूलों में स्थिति सामान्य है और कक्षाएं दोबारा सुचारु रूप से शुरू कर दी गई हैं।




