जमशेदपुर: निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में झारखंड पुलिस ने कोलकाता पुलिस के एक ट्रैफिक सार्जेंट और एक सिविक वॉलंटियर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अयन गुप्ता और ट्विंकल दास के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों के संपर्क हत्याकांड में गिरफ्तार एक आरोपी से थे और जांच के दौरान उनकी कथित भूमिका सामने आने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।
अशोक सिंह राघव से संपर्क की जांच
जांच एजेंसियों के अनुसार, हत्याकांड में गिरफ्तार अशोक सिंह राघव के मोबाइल फोन और संचार रिकॉर्ड की जांच के दौरान अयन गुप्ता और ट्विंकल दास से संपर्क की जानकारी सामने आई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों की आरोपियों से बातचीत किस संदर्भ में हुई और क्या उन्होंने हत्याकांड से जुड़े लोगों को किसी तरह की सहायता उपलब्ध कराई थी।
जांच के दौरान दोनों से पूछताछ की गई। इसके बाद पुलिस ने उनकी कथित भूमिका और अन्य आरोपियों के साथ उनके संपर्कों की जांच आगे बढ़ाई।
मोबाइल लोकेशन उपलब्ध कराने के आरोप की जांच
पुलिस की जांच में अयन गुप्ता पर निखार सबलोक समेत कुछ अन्य लोगों की मोबाइल टावर लोकेशन उपलब्ध कराने का आरोप सामने आया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह जानकारी किसके कहने पर हासिल की गई और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया गया।
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की है। इन साक्ष्यों के आधार पर जांच टीम कथित संपर्कों और हत्याकांड के बीच संबंध स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
24 अगस्त को 10th Milestone में हुई थी हत्या
होटल व्यवसायी निखार सबलोक की 24 अगस्त को सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में NH-33 स्थित 10th Milestone में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने निखार को निशाना बनाया और वारदात के बाद मौके से फरार हो गए।
हत्या के बाद मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच टीम ने CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की।
हत्या की साजिश में जमीन विवाद का एंगल
पुलिस की जांच में निखार सबलोक की हत्या के पीछे जमीन विवाद समेत कई संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है। जांच में कथित तौर पर हत्या के लिए ₹15 लाख की सुपारी दिए जाने की बात भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, 10th Milestone के आसपास की जमीन से जुड़े विवाद और आरोपियों के आपसी संबंधों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, हत्या के पीछे का अंतिम मकसद और सभी आरोपियों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार
मामले में अशोक सिंह राघव, अंकित सिंह, राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस, रितेश सिंह, सुशील केराई और सुनील रजक समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस कथित शूटरों और अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी कर रही है।
अयन गुप्ता और ट्विंकल दास की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उनका कथित संपर्क हत्याकांड की साजिश से किस स्तर तक जुड़ा था।
डिजिटल साक्ष्यों से जुड़ रही कड़ियां
जांच का एक प्रमुख हिस्सा मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आरोपियों के बीच हुए डिजिटल संचार की पड़ताल है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि निखार की गतिविधियों से संबंधित जानकारी कथित तौर पर किन लोगों के पास थी और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
मामले की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों पर लगाए गए आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। उनकी भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष अदालत में होने वाली कार्यवाही और जांच के परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा।


