देहरादून: हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड मेडिकल एजुकेशन यूनिवर्सिटी (HNBUMU) उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नया कदम उठाने की तैयारी कर रही है। विश्वविद्यालय आगामी शैक्षणिक सत्र से डिजिटल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्वास्थ्य पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस विशेष पाठ्यक्रम के माध्यम से कार्यरत डॉक्टरों को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में डिजिटल एआई तकनीक के व्यावहारिक उपयोग में प्रशिक्षित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. भानु दुग्गलने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में एआई का उपयोग आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि एआई को डॉक्टरों के लिए एक चुनौती के रूप में नहीं बल्कि एक ऐसी तकनीक के रूप में देखा जाना चाहिए जो मरीजों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में मदद कर सकती है। डॉ. भानु दुग्गल को फरवरी 2026 में एचएनबीयूएमयू का कुलपति नियुक्त किया गया था।
पहाड़ी क्षेत्रों के लिए लाभ
एआई-आधारित प्रौद्योगिकियों का उपयोग विशेष रूप से उत्तराखंड के पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार करने में सहायक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल तकनीक चिकित्सा संबंधी जानकारी, शोध और रोगी से संबंधित डेटा के विश्लेषण को अधिक प्रभावी बना सकती है।
अनुसंधान को भी मिलेगा बढ़ावा
कुलपति के अनुसार, एआई चिकित्सा क्षेत्र में अनुसंधान कार्यों को गति देने में भी उपयोगी साबित हो सकता है। डेटा विश्लेषण, चिकित्सा अनुसंधान और विभिन्न स्वास्थ्य देखभाल प्रक्रियाओं में डिजिटल तकनीक का उपयोग शोधकर्ताओं और डॉक्टरों की सहायता कर सकता है।
उच्च शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण के स्तर पर एआई को शामिल करने के लिए उत्तराखंड में भी पहल की जा रही है। जुलाई 2026 में, राज्य में उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्रों के लिए 'एआई फॉर ऑल' पाठ्यक्रम शुरू किया गया था।
एचएनबीयूएमयू की पहल को चिकित्सा शिक्षा को डिजिटल तकनीक से जोड़ने और एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कार्यरत डॉक्टरों को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।




