नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव परिणामों के बाद विजय जुलूस के आरोपों पर दिल्ली विश्वविद्यालय और संबंधित उम्मीदवारों से जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ विजयी उम्मीदवारों ने परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस निकाला, जबकि पहले अदालत ने ऐसे जुलूसों पर रोक लगा दी थी।
DUSU चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर को हुआ था, जबकि नतीजे 19 सितंबर को घोषित किए गए थे. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि कुछ विजयी उम्मीदवारों ने नतीजों के बाद विजय जुलूस निकाला और कथित आचरण को अदालत की अवमानना बताया.
दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से आरोपों पर जवाब मांगा है. अदालत ने यह भी कहा कि उसके पहले के आदेश के तहत सभी डूसू उम्मीदवारों को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिनमें चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार भी शामिल थे।
अदालत के 18 सितंबर के आदेश में निर्देश दिया गया था कि नतीजों की घोषणा के बाद दिल्ली की सड़कों, विश्वविद्यालय परिसरों और छात्रावासों सहित कोई भी विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा. आदेश में कहा गया है कि उल्लंघन पर आपराधिक और प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है और अदालत की अवमानना भी हो सकती है।
यह मामला DUSU चुनावों को नियंत्रित करने वाले नियमों और अदालत के निर्देशों के अनुपालन से संबंधित है। प्रासंगिक सामग्री और प्रतिक्रियाएँ अदालत के समक्ष रखे जाने के बाद कथित उल्लंघनों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।




