चेन्नई: 30 जनवरी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सांप्रदायिकता और कट्टरता के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की स्मृति को मिटाने और देश की एकता को कमजोर करने की कोशिश करने वाले नाथूराम गोडसे की विचारधारा के समर्थकों को उचित सबक सिखाया जाएगा।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि विचार हैं, जिन्हें कभी समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने लिखा, “आइए धार्मिक कट्टरता का नाश करें। आइए महात्मा गांधी का सम्मान करें। शांति, अहिंसा और एकता के मार्ग पर चलकर ही हम एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।”
स्टालिन ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के बल पर न केवल भारत को स्वतंत्रता दिलाई, बल्कि पूरी दुनिया को शांति और सहअस्तित्व का रास्ता दिखाया। उन्होंने यह भी कहा कि गोडसे की गोलियों ने गांधी के शरीर को भले ही समाप्त कर दिया हो, लेकिन उनके विचार आज भी हर भारतीय के दिल में जीवित हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में चेतावनी देते हुए कहा कि जो शक्तियाँ नफरत, हिंसा और धार्मिक उन्माद फैलाकर समाज को बांटना चाहती हैं, उन्हें लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) सरकार सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीय एकता के सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करेगी।
इस अवसर पर तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम आयोजित किए गए। नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने गांधी प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उनके आदर्शों को याद किया। कई स्थानों पर प्रार्थना सभाएँ और अहिंसा विषयक गोष्ठियाँ भी आयोजित की गईं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री स्टालिन का यह बयान मौजूदा समय में बढ़ती वैचारिक ध्रुवीकरण की राजनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। उनका यह संदेश न केवल तमिलनाडु, बल्कि पूरे देश में गांधीवादी मूल्यों को पुनः स्थापित करने की अपील के रूप में देखा जा रहा है।
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर दिया गया यह वक्तव्य शांति, एकता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प को दोहराता है, जो आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक माना जा रहा है।




