बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज़ होती दिख रही है। चुनावी नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पद और प्रमुख विभागों को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। वहीं, कैबिनेट विस्तार को लेकर भाजपा, जेडीयू और सहयोगी दलों के बीच मंत्रालयों का संभावित बंटवारा भी लगभग तय माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, एनडीए गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा को कैबिनेट में सबसे अधिक स्थान मिल सकते हैं। भाजपा नेतृत्व गृह, वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क निर्माण जैसे बड़े विभागों पर दावा मजबूत तरीके से पेश कर रही है।
उधर, जेडीयू को उपमुख्यमंत्री पद के साथ कृषि, जल संसाधन, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण जैसे अहम मंत्रालय मिलने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी के अनुभवी नेताओं को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपने के पक्ष में हैं।
सहयोगी दलों—HAM, VIP और अन्य पार्टियों—को भी गठबंधन धर्म के तहत कुछ मंत्रालय दिए जाने की चर्चा है। इन दलों को परिवहन, अल्पसंख्यक कल्याण, खेल और युवा विभाग जैसे पोर्टफोलियो मिलने की संभावना बताई जा रही है।
हालांकि अंतिम सूची पर मुहर मुख्यमंत्री और भाजपा नेतृत्व के बीच होने वाली बैठक के बाद ही लगेगी। उम्मीद है कि शपथ ग्रहण और कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में पूरी कर ली जाएगी, जिससे नई सरकार जल्द अपने कामकाज की शुरुआत कर सके।
एनडीए अंदरूनी समन्वय और सीट शेयरिंग के बीच एक बैलेंस बनाने की कोशिश कर रहा है, ताकि गठबंधन सुचारू रूप से काम कर सके और प्रदेश में स्थिरता बनी रहे।


