पुणे के नवले ब्रिज के पास हुए दर्दनाक हादसे के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोळ गुरुवार को घटनास्थल पहुंचे और मौके का मुआयना करते हुए स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत और सख्त कदम उठाना अब बेहद जरूरी हो गया है।
मंत्री मोहोळ ने सबसे पहले स्थानीय पुलिस, यातायात विभाग और नगर निगम के अधिकारियों से हादसे की पूरी रिपोर्ट मांगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सड़क पर मौजूद तकनीकी खामियों, लाइटिंग, स्पीड कंट्रोल सिस्टम और सुरक्षा बैरियर्स की तुरंत जांच की जाए।
उन्होंने कहा कि नवले ब्रिज का यह इलाका अक्सर दुर्घटना संभावित माना जाता है, ऐसे में ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुधारने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। मंत्री ने मौके पर मौजूद राहतकर्मियों से भी बातचीत की और बचाव कार्यों की गति की प्रशंसा की।
इस हादसे के बाद क्या बदलेगा?
मंत्री ने संकेत दिया कि सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर पुनर्विचार होगा।
हाई-स्पीड ज़ोन पर निगरानी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कैमरों और स्पीड गन लगाने की तैयारी की जाएगी।
रात में दृश्यता बढ़ाने के लिए स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम को मजबूत करने को कहा गया है।
दुर्घटना प्रवण क्षेत्रों की सूची दोबारा तैयार कर विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का पहला लक्ष्य लोगों की जान की सुरक्षा है, और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निरंतर कदम उठाए जाएंगे।
पुणे का नवले ब्रिज पिछले कुछ वर्षों में कई गंभीर हादसों का गवाह रहा है, और मंत्री मोहोळ की यह现场 यात्रा प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश मानी जा रही है कि अब सुरक्षा सुधार टालना मुश्किल होगा।


