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एशियाई खेलों के लिए गोल्फरों की सूची पहले ही भेजी जा चुकी, आईओए भ्रम फैला रहा: आईजीयू

एशियाई खेलों 2025 को लेकर भारतीय गोल्फ संघ (आईजीयू) और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। आईजीयू ने गुरुवार को स्पष्ट रूप से कहा…

Jan 22, 2026
3 min read
एशियाई खेलों के लिए गोल्फरों की सूची पहले ही भेजी जा चुकी, आईओए भ्रम फैला रहा: आईजीयू

Photo: The Media Times / Representative Image

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एशियाई खेलों 2025 को लेकर भारतीय गोल्फ संघ (आईजीयू) और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। आईजीयू ने गुरुवार को स्पष्ट रूप से कहा कि एशियाई खेलों के लिए गोल्फरों की सूची समय से पहले भेज दी गई थी और इस मुद्दे पर आईओए अनावश्यक भ्रम पैदा कर रहा है। यह बयान आईजीयू के महानिदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बिभूति भूषण ने दिया।

बिभूति भूषण ने कहा कि भारतीय गोल्फ संघ देश में गोल्फ खेल की एकमात्र मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय संस्था है और एशियाई खेलों के लिए खिलाड़ियों के चयन का अधिकार उसी के पास है। उन्होंने बताया कि आईजीयू ने 15 जनवरी की अंतिम तिथि से पहले ही आठ पुरुष और आठ महिला गोल्फरों की एक लंबी सूची आईओए को भेज दी थी। इसके बाद चयन से जुड़ा पूरा मामला आईओए के अधिकार क्षेत्र में आता है।

आईजीयू के अनुसार, सूची भेजे जाने के बावजूद आईओए की ओर से यह संकेत दिए जा रहे हैं कि गोल्फरों के चयन को लेकर अभी कोई स्पष्टता नहीं है, जो पूरी तरह भ्रामक है। भूषण ने कहा कि इससे न केवल खिलाड़ियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है, बल्कि देश की खेल प्रशासनिक व्यवस्था की छवि भी प्रभावित हो रही है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आईजीयू ने चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती है और सभी खिलाड़ियों का चयन उनके प्रदर्शन, रैंकिंग और तय मानकों के आधार पर किया गया है। संघ का उद्देश्य है कि एशियाई खेलों में भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हिस्सा लें और पदक जीतने की संभावनाओं को मजबूत किया जा सके।

आईजीयू का कहना है कि खिलाड़ियों ने पहले ही अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं और ऐसे में चयन को लेकर किसी तरह की अनिश्चितता खिलाड़ियों के मनोबल पर नकारात्मक असर डाल सकती है। संघ ने आईओए से अपील की है कि वह इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करे और अनावश्यक विवाद से बचे।

गौरतलब है कि एशियाई खेलों जैसे बड़े बहु-खेल आयोजन में समय पर चयन और समन्वय बेहद अहम होता है। खेल संगठनों के बीच तालमेल की कमी का सीधा असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। ऐसे में आईजीयू और आईओए के बीच यह बयानबाजी भारतीय खेल जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।

अब सभी की नजरें आईओए के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है और खिलाड़ियों को कब अंतिम स्पष्टता मिलती है।

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