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अगर आप किसी हसीन और खूबसूरत जगह पर जाना चाहते हैं तो आप ‘स्कॉटलैंड ऑफ इंडिया’ कहे जाने वाले ऊटी में घूमने का प्लान बना सकते हैं।

ऊटी से करीब 21 किमी की दूरी पर पायकारा वाटरफॉल बहुत ही खूबसूरत जगह है। यह जगह आपको खुश कर देगी। बता दें कि पायकारा जलप्रपात, पायकारा नदी मुकुर्थी चोटी…

Jun 6, 2023
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अगर आप किसी हसीन और खूबसूरत जगह पर जाना चाहते हैं तो आप ‘स्कॉटलैंड ऑफ इंडिया’ कहे जाने वाले ऊटी में घूमने का प्लान बना सकते हैं।

Photo: The Media Times / Representative Image

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ऊटी से करीब 21 किमी की दूरी पर पायकारा वाटरफॉल बहुत ही खूबसूरत जगह है। यह जगह आपको खुश कर देगी। बता दें कि पायकारा जलप्रपात, पायकारा नदी मुकुर्थी चोटी से निकलती है। यह झरनों की एक श्रृंखला के जरिए बहती है। पायकारा जलप्रपात में दो अलग-अलग झरने हैं। एक झरना 55 मीटर ऊंचा है तो वहीं दूसरा फोटो 61 मीटर ऊंचा है। हरे-भरे जंगल के बीच मौजूद यह झरना आपको बेहद सुकून दिलाएगा। इसलिए आपको यहां पर जरूर आना चाहिए।

अगर आप भी किसी सस्ती और अच्छी जगह जाना चाहते हैं, तो पत्नी के साथ ऊटी जा सकते हैं। बता दें कि यहां पर आपको कई हसीन नजारों के अलावा कई जगहों में फ्री में घूम सकते हैं। इस जगह पर आकर आपको सुकून का एहसास होगा।

तमिलनाडु के राज्यपाल का ऑफिशियल ग्रीष्मकालीन एक ऐसा टूरिस्ट प्लेस हैं, जिसे आपको जरूर देखना चाहिए। यह राजभवन न सिर्फ औपनिवेशिक काल की खूबसूरती को दर्शाता है, बल्कि यह करीब 9 एकड़ की जगह में फैला हुआ है। यहां का हरा-भरा वातावरण आपको मंत्रमुग्ध कर देगा। यह जगह की संरचना 1870 के दशक की है। हालांकि अब यह अपने वास्तविक रूप में नहीं है। ड्यूक ऑफ बकिंघम एक जमाने में इस राजभवन में पूरी रात रुके थे।

अवलान्छे झील ​

ऊटी से लगभग 20 किमी की दूरी पर स्थित अवलान्छे झील नीलगिरी में फेमस पर्यटन स्थल है। बता दें कि 1800 के दशक में नीलगिरी क्षेत्र एक विशाल भूस्खलन की चपेट में आ गया था। जिसके बाद यह जगह हिमस्खलन झील के रूप में फेमस हो गई। यह झील सुंदर फूलों के नजारों से घिरी हुई है। यहां पर ऑर्किड, मैगनोलिया और रोडोडेंड्रॉन में खिलते हैं।

​मरिअम्मन मंदिर​

ऊटी में हर साल अप्रैल के महीने में देवी-देवताओं को सम्मान देने के लिए मरिअम्मन मंदिर में महोत्सव मनाया जाता है। इस महोत्सव में शामिल होने के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। अगर आपने भी रथ यात्रा देखा है तो यह आपको सेम लगेगा। यहां पर फरवरी माह में 28 दिन का आयोजन किया जाता है। जिसमें कई देवी-देवताओं की मूर्तियों की शोभायात्रा निकाली जाती है।

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