जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार में अपराधियों के खिलाफ हो रहे एनकाउंटर पर सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि अपराधियों को गोली मारने से अपराध खत्म नहीं होगा और अपराध पर काबू पाने के लिए बेहतर पुलिसिंग और कानून व्यवस्था में सुधार की जरूरत है.
एनकाउंटर की नीति पर टिप्पणी करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर एनकाउंटर से अपराध रुक सकता है तो कश्मीर में पहले ही शांति स्थापित हो चुकी होती. उन्होंने कहा कि अपराधी को गोली मार देना अपराध नियंत्रण का स्थायी समाधान नहीं है.
'लोगों को गुमराह किया जा रहा है'
प्रशांत किशोर के मुताबिक, जो लोग अपराधियों को गोली मारने को अपराध नियंत्रण की परिभाषा के रूप में पेश करते हैं, वे लोगों को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने अपराध को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रणाली के कामकाज में सुधार के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि अपराध को रोकने के लिए पुलिस दक्षता में सुधार, कानून का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना और बेहतर पुलिसिंग प्रणाली पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है।
बिहार में मुठभेड़ों पर राजनीतिक बहस
बिहार में हाल के दिनों में पुलिस मुठभेड़ों और अपराध नियंत्रण पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सरकार और पुलिस अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को कानून-व्यवस्था के संदर्भ में देखती है, जबकि प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया है कि क्या अपराध को नियंत्रित करने के लिए मुठभेड़ों को एक प्रभावी समाधान माना जाना चाहिए।
प्रशांत किशोर की टिप्पणियों के बाद, बिहार में मुठभेड़ बनाम पुलिसिंग पर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है।




