लाहौर: पाकिस्तान क्रिकेट में विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लाहौर हाईकोर्ट ने नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) की ओर से जारी नोटिस को चुनौती देने वाली रिजवान की याचिका गुरुवार को खारिज कर दी। अदालत ने रिजवान को NCCIA के नोटिस का जवाब देने और एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा।
मामले की सुनवाई लाहौर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश आलिया नीलम की अदालत में हुई। रिजवान की ओर से उनके वकील काजी उमैर अली पेश हुए। उन्होंने NCCIA के नोटिस और जांच के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाए थे।
NCCIA के नोटिस को दी थी चुनौती
रिजवान की ओर से अदालत में पेश हुए अधिवक्ता काजी उमैर अली ने सुनवाई के दौरान बताया कि उनके मुवक्किल को NCCIA की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। रिजवान ने इन्हीं नोटिस को अदालत में चुनौती दी थी।
अब अदालत के फैसले के बाद इस मामले में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की भूमिका अहम हो गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, बोर्ड वरिष्ठ खिलाड़ियों मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक के खिलाफ किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने या नहीं करने पर फैसला कर सकता है। PCB ने मामले से जुड़े संभावित अनुशासनात्मक पहलुओं की जांच की बात कही है, जबकि NCCIA की जांच अभी जारी है।
फिलहाल PCB की ओर से कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। रिजवान और इमाम-उल-हक से NCCIA ने पूछताछ की है और एजेंसी की जांच में उनके डिजिटल रिकॉर्ड तथा अन्य पहलुओं को देखा जा रहा है।
लाहौर हाईकोर्ट के फैसले के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में इस मामले को लेकर आगे की कार्रवाई अब NCCIA की जांच और PCB के निर्णय पर निर्भर करेगी।



