रांची: झारखंड बीजेपी ने अपने विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के अध्यक्षों के नामों की घोषणा करने के बाद अब राज्य स्तरीय कमेटियां बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. सात संगठनात्मक मोर्चों की प्रस्तावित टीमों में 60 से अधिक नेताओं को जिम्मेदारी दिए जाने की उम्मीद है. पार्टी नेतृत्व ने इन समितियों में नेताओं की एक नई पीढ़ी लाने पर जोर दिया है।
प्रस्तावित संगठनात्मक ढांचे में महिलाओं को लगभग 33% प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है। युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और किसान मोर्चा में नए चेहरों को शामिल करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा. पार्टी की योजना के मुताबिक, आगे की टीमों में करीब 60% नाम युवा, महिला, ओबीसी और आदिवासी समुदाय से आ सकते हैं.
प्रदेश नेतृत्व ने विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों को अपनी-अपनी टीमें तैयार करने का निर्देश दिया है. दुर्गा पूजा से पहले कमेटियों को अंतिम रूप देने की तैयारी की जा रही है। कहा जा रहा है कि इस रणनीति में युवा कार्यकर्ताओं को राज्य स्तर पर नई जिम्मेदारियां देना और उन्हें राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव हासिल करने के अवसर प्रदान करना शामिल है।
जिला कार्यकर्ताओं को भी मिल सकता है मौका
नई समितियों में जिला स्तर के सक्रिय और अनुभवी कार्यकर्ताओं को भी शामिल करने की उम्मीद है। विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान जिला स्तर पर काम करने वाले नेताओं के संगठनात्मक अनुभव को ध्यान में रखते हुए, पार्टी ऐसे कार्यकर्ताओं को राज्य स्तर की जिम्मेदारियां देने और उन्हें आगे प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना बना रही है।
जिला प्रभारियों को संभावित नाम सुझाने के लिए कहा गया है। इस प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी के साथ-साथ सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रखने की उम्मीद है।
भाजपा ने हाल ही में झारखंड में विभिन्न संगठनात्मक मोर्चों के लिए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है, जिनमें युवा मोर्चा के लिए शशांक राज और अनुसूचित जाति मोर्चा के लिए रंजय भारती समेत अन्य शामिल हैं।
नई समितियों के गठन के साथ, भाजपा का ध्यान नए चेहरों को जिम्मेदारियां देने, जिला स्तर के कार्यकर्ताओं को राज्य स्तरीय भूमिकाओं से जोड़ने और विभिन्न सामाजिक समूहों की भागीदारी बढ़ाने पर रहेगा।

