नयी दिल्ली, फिल्मकार रामगोपाल वर्मा ने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिए एक पुराने साक्षात्कार को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है और वह संगीतकार ए.आर. रहमान का बेहद सम्मान करते हैं। वर्मा ने रहमान को न केवल एक महान संगीतकार, बल्कि एक अच्छा इंसान भी बताया।
रामगोपाल वर्मा ने स्पष्ट किया कि जिस साक्षात्कार का हवाला दिया जा रहा है, उसमें वह ऑस्कर विजेता फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के लोकप्रिय गीत ‘जय हो’ की रचना प्रक्रिया पर चर्चा कर रहे थे। उनका उद्देश्य रहमान की प्रतिभा या योगदान को कमतर आंकना नहीं था, बल्कि यह बताना था कि किस तरह एक संगीत रचना अलग-अलग परिस्थितियों में आकार लेती है।
उन्होंने कहा कि ए.आर. रहमान ने भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है और उनके काम की सराहना पूरी दुनिया करती है। वर्मा के मुताबिक, किसी भी रचनात्मक बातचीत को उसके संपूर्ण संदर्भ में समझा जाना चाहिए, न कि चुनिंदा अंशों के आधार पर निष्कर्ष निकाले जाने चाहिए।
फिल्मकार ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया के दौर में पुराने इंटरव्यू या बयान अक्सर अधूरे संदर्भ में सामने आ जाते हैं, जिससे गलतफहमियां पैदा होती हैं। उन्होंने प्रशंसकों और दर्शकों से अपील की कि वे ऐसी बातों को लेकर जल्दबाजी में राय न बनाएं।
गौरतलब है कि ए.आर. रहमान भारत के सबसे प्रतिष्ठित संगीतकारों में गिने जाते हैं और उन्हें ऑस्कर सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। रामगोपाल वर्मा के इस स्पष्टीकरण के बाद विवाद पर विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।




