पुणे: शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और रोड सेफ्टी को बेहतर बनाने के लिए पुणे ट्रैफिक पुलिस ने प्राइवेट बसों पर नई गाइडलाइन लागू कर दी है। नई पॉलिसी के तहत अब सभी प्राइवेट ट्रैवल बसों को तय किए गए रूट और निर्धारित समय पर ही शहर में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। इस फैसले का उद्देश्य मुख्य सड़कों पर भीड़ कम करना और अवैध पार्किंग पर रोक लगाना है।
क्या है नई योजना?
पुणे ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार—
प्राइवेट बसों को अब शहर में केवल निर्धारित रूटों से गुजरना होगा।
पिक और ड्रॉप पॉइंट भी तय किए जाएंगे, ताकि बसें कहीं भी अचानक रुककर ट्रैफिक न बढ़ाएँ।
बसों के शहर में प्रवेश का समय भी फिक्स किया जाएगा, विशेषकर सुबह-शाम के पीक ऑवर्स में किसी भी बस को आने की अनुमति नहीं होगी।
नियम का उल्लंघन करने पर भारी चालान और बस परमिट पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
ट्रैफिक पुलिस की मंशा
अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में यह देखा गया है कि इंटरसिटी और प्राइवेट ट्रैवल बसें शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में कहीं भी रुककर यात्रियों को उतारती-चढ़ाती हैं, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम बढ़ता है, बल्कि दुर्घटना की संभावना भी अधिक रहती है। नई योजना से
भीड़भाड़ कम होगी
रोड सेफ्टी बढ़ेगी
बस ऑपरेटर्स को एक सुव्यवस्थित सिस्टम मिलेगा
बस ऑपरेटर्स की प्रतिक्रिया
कुछ ऑपरेटर्स ने इस नए नियम का स्वागत किया है, जबकि कई का कहना है कि इससे यात्रियों को असुविधा हो सकती है। उनका तर्क है कि शहर के बाहर तय किए गए पॉइंट्स तक यात्रियों को पहुँचने के लिए अतिरिक्त परिवहन की आवश्यकता पड़ेगी।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
अब यात्रियों को तय पिक-अप और ड्रॉप प्वाइंट्स का ही उपयोग करना होगा।
बुकिंग के समय ही बस के रूट और समय की स्पष्ट जानकारी मिलेगी।
यात्री सुरक्षा और समय की पाबंदी को प्राथमिकता दी जाएगी।
अगले चरण में क्या होगा?
ट्रैफिक विभाग आने वाले हफ्तों में बस स्टॉप्स, कंट्रोल पॉइंट्स और रूट मैप्स की सूची जारी करेगा। साथ ही, डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था को भी लागू करने की तैयारी चल रही है।


