बीजिंग, 18 जुलाई: कोविड-19 महामारी के बाद सख्त प्रतिबंध झेल चुके चीन ने अब पर्यटन और वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 74 देशों के नागरिकों को अब चीन में वीजा-फ्री एंट्री दी जा रही है। इस फैसले का असर भी तेजी से दिख रहा है — 2024 में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 45% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
चीन ने 2023 की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय सीमाएं दोबारा खोली थीं, लेकिन तब केवल 1.38 करोड़ विदेशी पर्यटक ही चीन पहुंचे थे। यह आंकड़ा निराशाजनक माना गया, जिसके बाद बीजिंग ने वीजा नीतियों में नरमी लाने का फैसला किया।
वीजा-फ्री पॉलिसी के उद्देश्य:
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पर्यटन उद्योग को पुनर्जीवित करना
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वैश्विक निवेश और व्यापार को आकर्षित करना
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कोविड के बाद की अर्थव्यवस्था को गति देना
चीन सरकार का मानना है कि इस नीति से न केवल पर्यटन से राजस्व बढ़ेगा, बल्कि चीन की वैश्विक साख और सॉफ्ट पावर भी मजबूत होगी।
किन देशों को लाभ:
74 देशों की सूची में यूरोप, एशिया, अमेरिका और अफ्रीका के प्रमुख देश शामिल हैं। हालांकि, भारत फिलहाल इस सूची में शामिल नहीं है। लेकिन नेपाल, थाईलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे कुछ एशियाई पड़ोसी देशों को इस सुविधा का लाभ मिला है।
पर्यटन विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम चीन को न केवल आर्थिक रूप से फायदा पहुंचाएगा, बल्कि वह एक अधिक खुले और स्वागतशील देश के रूप में अपनी छवि भी बना पाएगा।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में और भी देशों को इस सूची में शामिल किया जा सकता है, बशर्ते द्विपक्षीय संबंध सकारात्मक रहें।




