बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार शनिवार शाम थम गया। अब 11 नवंबर को 122 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इस चरण में राज्य की कई अहम और संवेदनशील सीटें शामिल हैं, जिन पर सभी प्रमुख दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
प्रचार के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस दोनों ने अपनी-अपनी सभाओं से मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रैलियों को संबोधित कर चुनावी माहौल को चरम पर पहुंचा दिया।
अमित शाह ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया और विपक्ष पर “झूठे वादों” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार में विकास और सुशासन केवल एनडीए सरकार ही दे सकती है। वहीं, राजनाथ सिंह ने सुरक्षा, रोजगार और आधारभूत ढांचे को लेकर केंद्र की योजनाओं पर जोर दिया।
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महागठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करते हुए सरकार पर बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं को अब बदलाव की जरूरत है।
चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं। 122 सीटों पर करीब 2.5 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
दूसरे चरण के नतीजे 3 दिसंबर को पहले चरण के साथ ही घोषित किए जाएंगे। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एनडीए अपनी सत्ता बरकरार रखेगा या महागठबंधन जनता के मूड को अपने पक्ष में मोड़ पाएगा।


