पुणे नगर निगम (PMC) के एक महत्वपूर्ण टेंडर में कथित तौर पर फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र जमा करने के आरोप में एक स्थानीय ठेकेदार के खिलाफ गंभीर मामला सामने आया है। निगम अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ठेकेदार ने टेंडर प्रक्रिया में योग्यता हासिल करने के लिए अनुभव से संबंधित दस्तावेजों में हेरफेर किया और एक बोगस अनुभव प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया।
सूत्रों के मुताबिक, विभागीय जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि ठेकेदार द्वारा जमा किया गया अनुभव प्रमाणपत्र न तो किसी आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल खाता है और न ही संबंधित परियोजनाओं का वास्तविक विवरण प्रस्तुत करता है। इसके बाद PMC ने मामले की प्राथमिक रिपोर्ट तैयार कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए फाइल उच्च अधिकारियों को भेज दी है।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि टेंडर प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोप पुष्ट होते हैं, तो ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और उसके खिलाफ धोखाधड़ी व दस्तावेज़ फर्जीवाड़े के तहत FIR भी दर्ज हो सकती है।
फिलहाल, PMC ने इस मामले पर विस्तृत जांच शुरू कर दी है और संबंधित विभागों से सभी रिकॉर्ड और दस्तावेज़ मांगे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शहर की विकास परियोजनाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मामला सामने आने के बाद शहर के कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।




