न्यूयॉर्क, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत अब ईरान के बजाय वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगा। ट्रंप ने यह बयान ऐसे समय में दिया है, जब अमेरिका ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लागू किए हुए है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है।
ट्रंप ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भारत जैसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देश अब वैकल्पिक स्रोतों की ओर रुख कर रहे हैं और वेनेजुएला इस दिशा में एक अहम विकल्प के रूप में उभर रहा है। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत जानकारी या आधिकारिक समझौते का उल्लेख नहीं किया।
भारत विश्व के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है और वह अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। परंपरागत रूप से भारत ईरान से कच्चा तेल खरीदता रहा है, लेकिन अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद भारत ने वहां से तेल आयात में कटौती की थी। इसके बाद भारत ने रूस, सऊदी अरब, इराक और अमेरिका सहित अन्य देशों से तेल आयात बढ़ाया।
विशेषज्ञों का कहना है कि वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों और आंतरिक राजनीतिक संकट के कारण वहां का तेल उत्पादन और निर्यात प्रभावित हुआ है। ऐसे में भारत द्वारा वेनेजुएला से तेल खरीदने को लेकर किसी भी फैसले के लिए कूटनीतिक और आर्थिक पहलुओं पर गंभीरता से विचार करना होगा।
भारतीय अधिकारियों की ओर से फिलहाल ट्रंप के इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। भारत सरकार आमतौर पर अपनी ऊर्जा नीति को राष्ट्रीय हित, आपूर्ति की स्थिरता और कीमतों के आधार पर तय करती है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए विभिन्न देशों से संतुलित तरीके से आयात करता है।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान अमेरिकी घरेलू राजनीति और विदेश नीति के संदर्भ में दिया गया हो सकता है। अमेरिका लंबे समय से चाहता है कि भारत ईरान से तेल आयात पूरी तरह बंद करे और वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की ओर रुख करे।
इस बीच, वैश्विक तेल बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और भारत के लिए कच्चे तेल की स्थिर और किफायती आपूर्ति एक बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। ऐसे में ट्रंप के दावे को लेकर आगे की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


