पलामू। झारखंड के पलामू जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मां ने पैसों के लालच में अपनी ही नाबालिग बेटी को बुजुर्ग व्यक्ति के हाथों बेचकर उसकी शादी करा दी। यह घटना नावाजयपुर क्षेत्र की बताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि मां ने बच्ची को यह कहकर बहकाया कि उसके पिता की मौत हो चुकी है, जबकि पिता जीवित थे और बाहर काम कर रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार, अगस्त 2025 में मेदिनीनगर स्थित चियांकी मंदिर में इस नाबालिग बच्ची की शादी एक बुजुर्ग व्यक्ति से करा दी गई। शादी के बाद बच्ची को मेदिनीनगर में ही रखा गया, जहां उसे घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जाती थी। आरोप है कि उसे किसी से बातचीत करने से भी रोका जाता था और लगभग घर में बंदी बनाकर रखा गया था।
पीड़िता किसी तरह हिम्मत जुटाकर अपने पिता से फोन पर संपर्क करने में सफल रही। उसने पिता को अपनी पूरी आपबीती सुनाई और बताया कि उसे जबरन शादी के बाद कैद जैसी जिंदगी जीने पर मजबूर किया जा रहा है। बेटी की बात सुनते ही पिता तुरंत काम छोड़कर मेदिनीनगर पहुंचा और जिस घर में नाबालिग को रखा गया था, वहां से उसे अपने साथ ले आया। इस तरह पिता ने समय रहते अपनी बेटी को इस अवैध और अमानवीय रिश्ते से बाहर निकाला।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। अस्पताल में जांच के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को मामला संदिग्ध लगा। उन्होंने बिना देर किए इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और पिता व नाबालिग से पूछताछ की।
पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में बाल विवाह, धोखाधड़ी और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और बच्ची को हर संभव सुरक्षा व सहायता दी जाएगी।
यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि समाज में बेटियों की सुरक्षा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों की भयावह सच्चाई को भी उजागर करता है।


