बीजिंग: चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) में बड़े स्तर पर चल रही छंटनी और सुधार प्रक्रिया के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। चीन के शीर्ष सैन्य अधिकारियों में शामिल जनरल झांग यूक्सिया समेत दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के खिलाफ अनुशासन और कानूनों के गंभीर उल्लंघन के आरोपों में जांच शुरू की गई है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि की।
जनरल झांग यूक्सिया चीन की सशस्त्र सेनाओं के सबसे प्रभावशाली पदों में से एक, केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के उपाध्यक्ष हैं। सीएमसी, राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीनी सेना की सर्वोच्च कमान है। ऐसे में इस स्तर के अधिकारी के खिलाफ जांच को चीनी सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था में एक बड़ी और असाधारण कार्रवाई माना जा रहा है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह जांच सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) के अनुशासनात्मक नियमों और राष्ट्रीय कानूनों के कथित उल्लंघन को लेकर की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक आरोपों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। दूसरे वरिष्ठ अधिकारी की पहचान भी फिलहाल उजागर नहीं की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा सेना में चलाए जा रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और संगठनात्मक सुधारों का हिस्सा हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में शी सरकार ने पीएलए के कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं, ताकि सेना में अनुशासन मजबूत किया जा सके और पार्टी की पकड़ और मजबूत हो।
गौरतलब है कि हाल के समय में पीएलए में बड़े पैमाने पर संरचनात्मक सुधार और कर्मियों की छंटनी की जा रही है। इस प्रक्रिया के दौरान कई विभागों का पुनर्गठन किया गया है और सैन्य कमान प्रणाली में बदलाव किए गए हैं। ऐसे माहौल में शीर्ष स्तर पर जांच की खबर ने चीनी सैन्य हलकों में हलचल मचा दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस जांच का असर न केवल पीएलए की आंतरिक कार्यप्रणाली पर पड़ेगा, बल्कि चीन की घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी सैन्य छवि पर भी नजर रखी जाएगी।
फिलहाल, जांच प्रक्रिया जारी है और चीन के रक्षा मंत्रालय ने आगे की जानकारी आने वाले समय में साझा करने की बात कही है।


