राजनांदगांव/अंबिकापुर: 28 जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के तीन जिला न्यायालयों को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिले, जिससे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए इन ई-मेल के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अदालत परिसरों को खाली कराया और व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।
अधिकारियों के अनुसार, यह धमकी भरे ई-मेल राजनांदगांव, अंबिकापुर और एक अन्य जिले के न्यायालयों को भेजे गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर की गहन जांच की गई। एहतियातन अदालतों में मौजूद कर्मचारियों, वकीलों और आम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा जांच के दौरान किसी भी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। हालांकि, पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच जारी है और ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी 8 जनवरी को राजनांदगांव, दुर्ग और बिलासपुर जिला न्यायालयों को इसी तरह की धमकी भरे ई-मेल मिले थे। उस समय भी व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया था, लेकिन बाद में ये धमकियां झूठी साबित हुई थीं। लगातार दूसरी बार इस तरह की घटनाओं से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की फर्जी धमकियां न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव डालती हैं, बल्कि आम लोगों में भय का माहौल भी पैदा करती हैं। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन ने सभी जिला न्यायालयों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई गई है और प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की जा रही है। साथ ही, कर्मचारियों और वकीलों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राज्य सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को जल्द से जल्द आरोपियों तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं। साइबर सेल की मदद से ई-मेल के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अदालतों में कामकाज धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। हालांकि, लगातार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है।




