फ्रांस का मशहूर शहर कान्स (Cannes) अब उन प्रमुख पर्यटक स्थलों की सूची में शामिल हो गया है, जो मास टूरिज्म यानी बड़े पैमाने पर पर्यटन को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रहे हैं। हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं, खासकर गर्मियों में और कान्स फिल्म फेस्टिवल के दौरान। इससे स्थानीय संसाधनों पर दबाव बढ़ता है और शहर की मूल पहचान व पर्यावरण पर असर पड़ता है।
क्यों उठाए जा रहे हैं ये कदम?स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अत्यधिक पर्यटकों की भीड़ से:स्थानीय निवासियों का जीवन प्रभावित होता है,पर्यावरणीय नुकसान होता है जैसे कचरे में वृद्धि, वायु और ध्वनि प्रदूषण,और सांस्कृतिक विरासत पर खतरा बढ़ता है।
कान्स अब क्रूज़ जहाजों की संख्या को सीमित करने पर विचार कर रहा है, ठीक वैसे ही जैसे वेनिस (इटली), नाइस (फ्रांस), बार्सिलोना (स्पेन) और एम्स्टर्डम (नीदरलैंड्स) ने पहले ही कर दिया है। वेनिस ने तो बड़े क्रूज़ जहाजों को शहर के ऐतिहासिक केंद्र में आने से पूरी तरह रोक दिया है।
बार्सिलोना में पर्यटकों के किराए पर मकान लेने की सुविधा सीमित कर दी गई है।
एम्स्टर्डम में “टूरिस्ट टैक्स” बढ़ाई गई है और पार्टी बोट्स पर सख्ती की जा रही है।वेनिस में अब आने वाले पर्यटकों को पहले से ऑनलाइन बुकिंग और एंट्री फीस देनी होगी।
कान्स सहित इन सभी शहरों का उद्देश्य है स्थायी और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देना, जिससे न केवल पर्यटक अनुभव का आनंद लें, बल्कि स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण और निवासियों का जीवन भी संतुलित बना रहे।




