अरुणाचल प्रदेश सरकार ने बुधवार को एक बड़े भूमि अधिग्रहण घोटाले के मामले में कड़ा कदम उठाते हुए चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह मामला ईस्ट कामेंग जिले में चल रहे एक हाईवे प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है, जिसमें भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान भारी अनियमितताएं सामने आईं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पाया गया कि संबंधित अधिकारियों ने भूमि मूल्यांकन और मुआवजा प्रक्रिया में गड़बड़ियां की थीं, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई जमीनों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अधिग्रहित दिखाया गया, जबकि कुछ भूमि असली मालिकों की नहीं थी।
राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए और चारों अधिकारियों को निलंबित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
फिलहाल मामले की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है, जो भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की गहन पड़ताल करेगी। टीम को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है, ताकि भविष्य में विकास परियोजनाओं में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।


