मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जारांगे पाटिल ने अपने खिलाफ कथित साजिश को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर उन्हें अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही है. उनके इस बयान से महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है.
जरांगे पाटिल ने दावा किया कि उन्हें अलग-थलग करने और उनके खिलाफ साजिश रचने की कोशिशें चल रही हैं. उन्होंने कहा कि वह किसी के सामने समझौता नहीं करते और अपने पद पर कायम हैं. उनके मुताबिक, इसी वजह से कुछ लोग उन्हें प्रतिद्वंद्वी मानने लगे हैं.
'जिस शख्स को मैंने दोस्त माना, वह दुश्मन निकला'
मनोज जारांगे पाटिल ने कहा कि जिस शख्स को वह अब तक दोस्त मानते थे, वह दुश्मन निकला. उन्होंने स्थिति को बेहद आश्चर्यजनक बताया.
उन्होंने कहा कि वह लगातार इस बात की जानकारी जुटा रहे हैं कि उनके खिलाफ कथित साजिश किस स्तर पर और किसके माध्यम से की जा रही है. हालाँकि, उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट रूप से किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया।
कहते हैं 'मुझे प्रबंधित नहीं किया जा सकता'
जरांगे पाटिल ने कहा कि वह किसी के दबाव में काम नहीं करते हैं और किसी और के निर्देश पर अपनी स्थिति नहीं बदलते हैं। उनके मुताबिक, इसी वजह से कुछ लोग उनसे नाखुश हैं और उन्हें राजनीतिक तौर पर अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही है.
मनोज जारांगे पाटिल लंबे समय से मराठा आरक्षण मुद्दे पर महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक आंदोलन के केंद्र में रहे हैं. उनके ताजा बयान के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि वह किसे अपना दोस्त बता रहे हैं और किसे प्रतिद्वंद्वी मानते हैं.
हालांकि, जारांगे पाटिल द्वारा लगाए गए साजिश के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है. अब नजर उनके अगले बयान और इस मामले में सामने आने वाली प्रतिक्रियाओं पर होगी.


