पटना: बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। राज्य के 15 जिलों में 47.33 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं गंगा और उसकी कई सहायक नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
भागलपुर में कई जगह तटबंध टूटने की खबर ने चिंता और बढ़ा दी है। प्रशासन की टीमें प्रभावित स्थानों पर मरम्मत और राहत कार्य में जुटी हैं।
भागलपुर में तटबंध टूटने से बढ़ी परेशानी
अधिकारियों के मुताबिक भागलपुर जिले के अलग-अलग हिस्सों में कम से कम चार तटबंध टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर मरम्मत कर दी गई है, जबकि बाकी जगहों पर बहाली का काम जारी है।
गोपालपुर प्रखंड के ब्रह्मोत्तर डैम में हुई टूट को जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम और स्थानीय लोगों की मदद से नियंत्रित किया गया।
वहीं रंगरा प्रखंड के धोबनिया जमींदारी डैम में करीब 20 फीट तटबंध के कटाव की सूचना मिली, जिसके बाद PWD रोड नंबर 14 के पास बाढ़ का पानी पहुंच गया।
15 जिलों में 47.33 लाख लोग प्रभावित
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार करीब 47.33 लाख लोग, 561 ग्राम पंचायत और 88 प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं।
भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में हैं।
गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर
बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। गंगा कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
कोसी समेत अन्य नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन लगातार नजर रख रहा है।
राहत और बचाव अभियान जारी
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत अभियान जारी है। सामुदायिक रसोई, मेडिकल सहायता, नावों की व्यवस्था और बचाव दलों की तैनाती की गई है।
प्रशासन संवेदनशील तटबंधों और नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहा है।
लाखों लोगों के प्रभावित होने के बीच आने वाले दिन बिहार के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं।


