भारत में मुख्यमंत्री का पद राज्य सरकारों का सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पद होता है। मुख्यमंत्री न केवल राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाता है, बल्कि पूरे देश में भी उनकी नीति और कार्यशैली के कारण वे चर्चा का केंद्र बनते हैं। 2010 के बाद कई मुख्यमंत्री अपने नेतृत्व की वजह से देशभर में विख्यात हुए। इन नेताओं ने न केवल अपने राज्य में बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी पहचान बनाई।
- नितीश कुमार (बिहार)
नितीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं और उनकी पहचान एक कुशल प्रशासक के रूप में बनी है। 2010 के बाद से नितीश कुमार ने बिहार में शासन व्यवस्था को सुधारने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की, जिनमें “बिहार में शराबबंदी” और “पढ़ाई-लिखाई की सुधार योजनाएँ” प्रमुख हैं। उनके नेतृत्व में बिहार ने सामाजिक और आर्थिक बदलावों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए। नितीश कुमार ने राज्य में कानून-व्यवस्था सुधारने और अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की, जिससे उन्हें काफी सराहना मिली।
- अखिलेश यादव (उत्तर प्रदेश)
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कार्यशैली को भी काफी चर्चा मिली। उनके कार्यकाल में राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने के लिए कई योजनाएँ चलाई गईं। विशेष रूप से, “समाजवादी पेंशन योजना” और “किसान ऋण माफी योजना” ने उन्हें किसानों और गरीब वर्गों में लोकप्रियता दिलाई। हालांकि उनकी सरकार को कुछ विवादों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उनके प्रशासन के दौरान यूपी में विकास कार्यों की गति बढ़ी।
- जयललिता (तमिलनाडु)
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता का प्रभाव 2010 के बाद भी राजनीति में महसूस हुआ। उन्होंने “अम्मा” के रूप में तमिलनाडु की राजनीति में एक मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने राज्य में गरीबों के लिए कई योजनाएँ चलाईं, जिनमें अम्मा कैन्टीन और अम्मा वाशी जैसी योजनाएँ शामिल थीं। उनकी लोकप्रियता उनके प्रशासनिक कौशल और गरीबों के लिए किए गए कार्यों के कारण बढ़ी।
- ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल)
ममता बनर्जी, जिन्हें “दीदी” के नाम से जाना जाता है, 2010 के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अहम चेहरा बनीं। ममता ने राज्य में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सत्ता को मजबूत किया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को राज्य में प्रवेश करने से रोका। उनके द्वारा उठाए गए कदमों जैसे “सागरमाला प्रोजेक्ट” और “स्वास्थ्य योजना” ने उन्हें पूरे देश में चर्चित किया। ममता बनर्जी ने राज्य में बहुमुखी विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की।
- अरविंद केजरीवाल (दिल्ली)
अरविंद केजरीवाल ने 2010 के बाद दिल्ली की राजनीति में अपनी नई पहचान बनाई। AAP (आम आदमी पार्टी) के प्रमुख के रूप में, उन्होंने दिल्ली में शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे मुद्दों पर अपनी नीतियाँ लागू कीं। उनके नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए और दिल्ली की स्कूलों की स्थिति में सुधार किया। इसके अलावा, उनका काम पानी और बिजली के मुद्दों पर भी सराहा गया। उनके कार्यों से दिल्लीवासियों ने कई बार उन्हें भारी समर्थन दिया।
- शिवराज सिंह चौहान (मध्य प्रदेश)
शिवराज सिंह चौहान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, 2010 के बाद राज्य में हुए कई सुधारों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कृषि क्षेत्र में कई योजनाएँ चलाईं, जिनमें “किसान ऋण माफी योजना” और “नर्मदा सेतु योजना” प्रमुख हैं। उनका कार्यकाल राज्य में विकास कार्यों को गति देने और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
इन सभी नेताओं ने न केवल अपने राज्यों में बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी प्रभाव छोड़ा। उनका नेतृत्व, नीतियाँ और कार्यशैली उन्हें भारतीय राजनीति के सबसे विख्यात मुख्यमंत्रियों में शुमार करती हैं। 2010 के बाद का समय भारतीय राजनीति में इन नेताओं के योगदान के कारण हमेशा याद किया जाएगा।




