नागपुर/मुंबई, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस बार भी केंद्रीय बजट में महाराष्ट्र के हाथ खाली रह गए हैं और यह बजट किसानों, मजदूरों, युवाओं तथा मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता।
नागपुर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि महाराष्ट्र देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है और राष्ट्रीय खजाने में सबसे बड़ा योगदान देने वाले राज्यों में शामिल है। देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में महाराष्ट्र की अहम हिस्सेदारी होने के बावजूद केंद्र सरकार ने बजट में राज्य के लिए कोई विशेष पैकेज, नई बड़ी परियोजना या ठोस आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महाराष्ट्र देश को इतना देता है, तो बदले में उसे क्या मिला।
कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य का किसान पहले से ही गंभीर संकट से गुजर रहा है। कर्ज, सूखा, बेमौसम बारिश और फसल नुकसान जैसी समस्याओं से जूझ रहे किसानों को इस बजट से राहत की उम्मीद थी, लेकिन निराशा हाथ लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में न तो कर्जमाफी का कोई संकेत है और न ही सिंचाई सुविधाओं के विस्तार या न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर कोई ठोस कदम उठाया गया है।
वडेट्टीवार ने कहा कि मजदूर वर्ग और मध्यम वर्ग के लिए भी यह बजट निराशाजनक है। बढ़ती महंगाई, ईंधन के दाम और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों से आम आदमी परेशान है, लेकिन बजट में इन समस्याओं से राहत देने के लिए कोई प्रभावी प्रावधान नहीं किए गए। बेरोजगारी को लेकर सरकार के दावे खोखले साबित हुए हैं और रोजगार सृजन के लिए कोई नई ठोस योजना सामने नहीं आई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राजनीतिक आधार पर राज्यों के साथ भेदभाव कर रही है। वडेट्टीवार के अनुसार, जो राज्य केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी के अनुकूल हैं, उन्हें विशेष पैकेज और परियोजनाएं दी जाती हैं, जबकि महाराष्ट्र जैसे राज्यों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है।
अंत में वडेट्टीवार ने कहा कि यह बजट आम जनता के हितों की अनदेखी करता है और पूरी तरह जनविरोधी है। कांग्रेस पार्टी इस बजट के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाती रहेगी और महाराष्ट्र को उसका हक दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।


